Baagibol

विविधता में एकता का जीवंत उदाहरण है अपनाघर आश्रम

unity in diversity at apnaghar unity in diversity at apnaghar

अपना घर आश्रम में गूंजा भाईचारे का संदेश, ईद और गणगौर का अनोखा संगम, अमन-शांति की हुई दुआ। अपना घर आश्रम ने एक बार फिर इंसानियत, भाईचारे और धार्मिक एकता की मिसाल पेश की है। रमजान माह की समाप्ति के साथ शनिवार को आश्रम परिसर स्थित स्प्रीचुअल पार्क में मुस्लिम प्रभुजनों द्वारा ईद-उल-फितर की नमाज अदा की गई और देश में अमन, शांति और खुशहाली की दुआ मांगी गई। आश्रम में वर्तमान में 591 मुस्लिम प्रभुजन निवासरत हैं, जिनमें से 30 प्रभुजनों ने पूरे रमजान माह श्रद्धा और अनुशासन के साथ रोजे रखे। रमजान के दौरान आश्रम प्रशासन द्वारा रोजेदारों के लिए सुबह सहरी और शाम को इफ्तार की उत्तम व्यवस्थाएं की गईं, जिससे सभी ने पूर्ण श्रद्धा के साथ अपने धार्मिक कर्तव्यों का पालन किया शनिवार को अंतिम रोजे के अवसर पर सुबह से ही आश्रम का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर था। स्प्रीचुअल पार्क में नमाज अदा करते समय प्रभुजनों ने देश की तरक्की, समाज में सौहार्द और मानवता की रक्षा के लिए विशेष दुआएं कीं। नमाज के उपरांत सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी, जिससे प्रेम और अपनत्व का भाव स्पष्ट झलक रहा था। इस पावन अवसर की सबसे खास बात यह रही कि जहां एक ओर मुस्लिम प्रभुजन ईद की नमाज में लीन थे, वहीं दूसरी ओर सनातन धर्म की माता-बहनें पूरे विधि-विधान के साथ गणगौर माता का पूजन कर रही थीं। उन्होंने अपने परिवार की सुख-समृद्धि, पति की दीर्घायु और परिवार के कल्याण की कामना की। एक ही परिसर में अलग-अलग धर्मों की आस्था का यह समन्वय वास्तव में “विविधता में एकता” का जीवंत उदाहरण बन गया। नमाज के पश्चात श्रीमती परवीन ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि “जिस प्रकार हम अपने घरों में अपने-अपने त्योहार मनाते हैं, उसी प्रकार यहां आश्रम में भी सभी धर्मों के त्योहार पूरे उत्साह और सम्मान के साथ मनाए जाते हैं। यह स्थान हमारे लिए किसी जन्नत से कम नहीं है और हमारी हर छोटी-बड़ी जरूरत का पूरा ध्यान रखा जाता है। ईद के इस खास अवसर पर आश्रम में मीठी ईद के रूप में सेवइयां और खीर प्रसाद तैयार किया गया, जिसे पाकर सभी प्रभुजनों के चेहरों पर खुशी की झलक साफ दिखाई दे रही थी। यह केवल एक भोजन नहीं, बल्कि आपसी प्रेम और साझा संस्कृति का प्रतीक बन गया। इसी दिन आश्रम के ब्लॉक-2 में गणगौर माता की पूजा-अर्चना भी विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। इस आयोजन में सेवासाथियों, आश्रम पदाधिकारियों और अन्य प्रभुजनों ने भाग लिया और पूरे श्रद्धा भाव से पूजा की। गौरतलब है कि अपना घर आश्रम में हिंदू, मुस्लिम, सिख, जैन, ईसाई और बौद्ध धर्म के लोग एक साथ रहते हैं। यहां सभी धर्मों के अनुसार अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई हैं और समय≤ पर सभी त्योहार हर्षाेल्लास के साथ मनाए जाते हैं। यह आश्रम न केवल सेवा का केंद्र है, बल्कि सामाजिक समरसता और धार्मिक सद्भाव का एक प्रेरणादायक मॉडल भी बन चुका है। आज जब दुनिया को सबसे ज्यादा जरूरत आपसी समझ, सम्मान और प्रेम की है, तब अपना घर आश्रम जैसे संस्थान यह संदेश दे रहे हैं कि सच्चा धर्म वही है जो इंसानियत को जोड़ता है।