आपदा में अवसर : LPG गैस क्राईसिस चार्ज

LPG gas crisis charge baagibol LPG gas crisis charge baagibol

आपदा में अवसर कैसे तलाश किया जाता है, यह नये भारत के व्यापारियों से सीखना चाहिये। ईरान युद्ध के दुष्परिणामों से उपजे एलपीजी संकट को हल करने के लिए एक तरफ भारत सरकार जी जान से जुटी है और वहीं दूसरी तरफ होटल-रेस्टोरेंट व्यवसायी इसे आपदा में अवसर की तरह ले रहे हैं। हाल ही में बैंगलोर एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिसमें एक कैफे संचालक ने अपने एक ग्राहक के बिल में LPG गैस क्राईसिस चार्ज जोड़ दिया। सोशल मीडिया पर वायरल होते ही इस खबर पर देशभर से कड़ी प्रतिक्रियायें सामने आ रही हैं।

नये टैक्स को देखकर हैरत में पड़ गया ग्राहक

बैंगलोर स्थित एक कैफे पर आये एक ग्राहक ने मिंट पुदीना लेमोनेड मंगाया। पेय पदार्थ का जब बिल आया तो बिल में मिंट पुदीना लेमोनेड की कीमत 358 रूपये थी जिसमें जीएसटी के साथ एक नया टैक्स जोड़ दिया गया। यह टैक्स था LPG गैस क्राईसिस चार्ज। पांच प्रतिशत के इस नये टैक्स को देखकर ग्राहक हैरत में पड़ गया। जानकारी करने पर कैफे संचालकों ने बताया कि देशभर में चल रहे एलपीजी संकट के कारण यह नया टैक्स जोड़ा गया है। सोशल मीडिया पर जैसे ही यह खबर वायरल हुई, केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण तुरंत एक्शन मोड में आ गया। प्राधिकरण की जांच में आया है कि कई होटल व रेस्टोरेंट व्यवसायी एलपीजी गैस पर लगे नियम शर्तों से बचने के लिए इस प्रकार का नया चार्ज ले रहे हैं जो किसी भी तरीके से सही नहीं है। प्राधिकरण ने इसे उपभोक्ता के अधिकार का हनन बताया है और सख्त कार्यवाही की मंशा जाहिर की है।

देशभर के होटलों व रेस्टोरेंटों के लिए एडवायजरी जारी

प्राधिकरण ने देशभर के होटलों व रेस्टोरेंटों के लिए एडवायजरी जारी कर कहा है कि वे अपने यहां आने वाले ग्राहकों से एलपीजी या फ्यूल के नाम पर किसी तरह का चार्ज न लें अन्यथा उनके विरूद्ध उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत सख्त कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। प्राधिकरण ने यह भी कहा है कि इस खबर के बाद समूचे देश में इस प्रकार का आचरण करने वालों की निगरानी कर रहा है और उपभोक्ता अधिकारों के संरक्षण के लिए सजगता से कार्य किया जा रहा है।

कैसे करें शिकायत

यदि आप भी इस प्रकार के किसी एलपीजी या फ्यूल क्राईसिस चार्ज के शिकार हो रहे हैं तो इस तरह की समस्या का त्वरित समाधान करने के लिए 1915 राष्ट्रीय उपभोक्ता हैल्पलाईन पर संपर्क करें। आप मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त आप ई जागृति पोर्टल के माध्यम से भी अपना परिवाद दे सकते हैं।